Raksha Bandhan 2025: इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त यानी कल मनाया जाएगा. ज्योतिषियों की मानें तो, इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर भद्रा का साया नहीं रहेगा. पंचांग के मुताबिक, भद्रा 8 अगस्त यानी आज दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर शुरू हो जाएगी और इसका समापन 9 अगस्त अर्धरात्रि 1 बजकर 52 मिनट पर होगा. इसी के बाद राखी बांधने के मुहूर्त की भी शुरुआत होगी.

रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) भाई-बहन के प्यार और रिश्ते का एक पवित्र त्योहार है। यह हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रक्षा बंधन 2025 (Raksha Bandhan 2025) में 12 अगस्त, मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
Raksha Bandhan 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- रक्षा बंधन तिथि: 12 अगस्त 2025 (मंगलवार)
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 11 अगस्त 2025, शाम 07:48 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 12 अगस्त 2025, शाम 05:19 बजे
- शुभ मुहूर्त (राखी बांधने का समय): सुबह 09:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक (अनुकूल समय)
Raksha Bandhan का महत्व
रक्षा बंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनके अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की प्रार्थना करती हैं, जबकि भाई उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।
Raksha Bandhan की परंपराएं
- राखी बांधना: बहन भाई की कलाई पर रेशमी धागा (राखी) बांधती है और उसके माथे पर तिलक लगाती है।
- भाई का उपहार: भाई बहन को उपहार, पैसे या आशीर्वाद देकर उसके प्रति अपना प्यार दिखाता है।
- मिठाई और प्रसाद: इस दिन मिठाइयों का आदान-प्रदान किया जाता है और पूजा-पाठ की जाती है।
- परिवार का मेल-मिलाप: यह त्योहार पूरे परिवार को एक साथ लाता है और रिश्तों को मजबूत बनाता है।
रक्षा बंधन 2025 की तैयारियां
- राखी की खरीदारी: बाजार में विभिन्न डिज़ाइनों वाली राखियां उपलब्ध होती हैं, जिन्हें आप ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीद सकते हैं।
- उपहारों का चयन: भाई-बहन एक-दूसरे के लिए उपहार चुन सकते हैं, जैसे कपड़े, गहने, इलेक्ट्रॉनिक आइटम या मिठाइयाँ।
- विशेष भोजन: इस दिन घर में पकवान बनाए जाते हैं और परिवार के साथ मिलकर भोजन किया जाता है।
रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है?
रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के प्यार और रिश्ते को समर्पित है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे कई पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारण हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं।
1. Raksha Bandhan 2025 का धार्मिक और पौराणिक महत्व
(क) द्रौपदी और कृष्ण की कथा
महाभारत के अनुसार, एक बार भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली काट ली थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया। इससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें रक्षा का वचन दिया। बाद में चीरहरण के समय कृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाकर इस रक्षा-बंधन का मान रखा।
(ख) राजा बलि और देवी लक्ष्मी
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और उन्हें पाताल लोक भेज दिया, तब बलि ने विष्णु से अपने साथ रहने का वचन मांगा। माँ लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर उन्हें अपना भाई बना लिया और बदले में विष्णु को वापस ले आईं।
(ग) इंद्र देव और इंद्राणी
एक अन्य कथा के मुताबिक, देवताओं और असुरों के युद्ध के दौरान इंद्राणी (शची) ने इंद्र देव की कलाई पर एक पवित्र धागा बांधा था, जिससे वह युद्ध में विजयी हुए। इसी घटना से रक्षा बंधन की परंपरा शुरू हुई।
2. ऐतिहासिक महत्व
(क) रानी कर्णावती और हुमायूँ
मध्यकालीन भारत में चित्तौड़ की रानी कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह से सुरक्षा की गुहार लगाई। हुमायूँ ने राखी की लाज रखते हुए चित्तौड़ की रक्षा की।
(ख) सिकंदर और पुरु राजा
कहा जाता है कि सिकंदर की पत्नी ने राजा पुरु (पोरस) को राखी बांधकर उनसे युद्ध में अपने पति को न मारने का वचन लिया था।
3. सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
- भाई-बहन का पवित्र बंधन: यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है।
- सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक: राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि भाई द्वारा बहन की रक्षा का वचन है।
- परिवार में एकता: यह त्योहार पूरे परिवार को एक साथ लाता है और प्यार बढ़ाता है।
4. Raksha Bandhan 2025 कैसे मनाया जाता है?
- राखी बांधना: बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है।
- तिलक और आरती: भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारी जाती है।
- उपहार और आशीर्वाद: भाई बहन को उपहार देता है और उसकी सुख-समृद्धि की कामना करता है।
- मिठाई और भोज: इस दिन घर में विशेष पकवान बनाए जाते हैं।
